Hyyyy
सائل
क्या सफ़र की हालत में कसर नमाज़ पढ़ना ज़रूरी है या पूरी पढ़ सकते हैं?
जवाब तस्दीक़शुदा
मुफ्ती साहिब
हाँ, शरई मुसाफ़िर (लगभग 78 किमी या उससे अधिक की दूरी का इरादा रखने वाले) के लिए 4 रकात वाली फर्ज़ नमाज़ को 2 रकात (क़सर) पढ़ना ही वाजिब/सुन्नत है।
📖 हवाला: रद्दुल मुहतार (फ़तावा शामी)
सائل
क्या भूलकर कुछ खा या पी लेने से रोज़ा टूट जाता है?
जवाब तस्दीक़शुदा
दारुल इफ़्ता
अगर रोज़ेदार भूलकर कुछ खा या पी ले तो उसका रोज़ा नहीं टूटता। जैसे ही याद आए, फ़ौरन रुक जाए और मुँह साफ़ कर ले।
📖 हवाला: सहीह बुखारी, हदीस 1933