Namaz
﷽
शरई दारुल इफ़्ता
उनवान: नमाज़ में सूरह पढ़ना भूल जाने का हुक्म
मुजीब: Mohammad Shafiq Raza Rizvi
तारीख: 17_08_2026
मुसद्दिक़: मुफ़्ती ख्वाजा सबर नवाज़ क़ादरी
अल-सवाल:
अगर कोई व्यक्ति फ़र्ज़ नमाज़ की पहली दो रकअतों में सूरह फ़ातिहा के बाद कोई सूरह पढ़ना भूल जाए और रुकू में चला जाए, तो क्या उसकी नमाज़ हो जाएगी?
अल-जवाब:
फ़र्ज़ नमाज़ की पहली दो रकअतों में सूरह फ़ातिहा के बाद कोई सूरह पढ़ना वाजिब है। अगर कोई भूल से छोड़ दे तो रुकू से वापस न लौटे, बल्कि आखिर में सजदा-ए-सहव कर ले, नमाज़ मुकम्मल हो जाएगी।
वल्लाहो आलम बिस्सवाब