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इस्लामी मालूमात
17_08_2026
नमाज़ में सूरह पढ़ना भूल जाने का हुक्म
👤 मुजीब: Mohammad Shafiq Raza Rizvi
✍️ मुसद्दिक़: मुफ़्ती ख्वाजा सबर नवाज़
सवाल: अगर कोई व्यक्ति फ़र्ज़ नमाज़ की पहली दो रकअतों में सूरह फ़ातिहा के बाद कोई सूरह पढ़ना भूल जाए और रुकू में चला जाए, तो क्या उसकी नमाज़ हो जाएगी? इस बारे में शरीअत का क्या हुक्म है?
जवाब: फ़र्ज़ नमाज़ की पहली दो रकअतों में सूरह फ़ातिहा के बाद कोई सूरह या कम-से-कम तीन छोटी आयतें पढ़ना वाजिब है। अगर कोई व्यक्ति भूल से सूरह पढ़ना छोड़ दे और रुकू में चला जाए, तो उसे रुकू से वापस खड़े होकर सूरह नहीं पढ़नी चाहिए, बल्कि नमाज़ को पूरा करना चाहिए। नमाज़ के आखिर में सजदा-ए-सहव कर लेने से नमाज़ सही हो जाएगी और उसे दोबारा नमाज़ पढ़ने की ज़रूरत नहीं होगी।
लेकिन अगर किसी ने जान-बूझकर सूरह पढ़ना छोड़ दिया, तो वह गुनाहगार होगा और सजदा-ए-सहव करने से जान-बूझकर छोड़े गए वाजिब की कमी पूरी नहीं होगी।
लेकिन अगर किसी ने जान-बूझकर सूरह पढ़ना छोड़ दिया, तो वह गुनाहगार होगा और सजदा-ए-सहव करने से जान-बूझकर छोड़े गए वाजिब की कमी पूरी नहीं होगी।
वल्लाहो आलम बिस्सवाब